मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां करोड़ों की संपत्ति के लालच में एक परिवार ने अपने ही सदस्य की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए खुलासा किया है कि सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत (62) की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके अपने सगे भाई, चचेरे भाई और करीबी रिश्तेदारों ने मिलकर कराई थी। यह मामला तब सामने आया जब 22 मार्च 2026 को थाना लालपुर में मृतक के भाई द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बताया गया कि 21 मार्च को दामोदर राजपूत घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी मोटरसाइकिल मनोहरपुर के पास एक सुनसान रास्ते में मिली, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल, स्थानीय थाना पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों को मिलाकर जांच शुरू की गई।
CCTV और त्रिनयन ऐप बना केस का टर्निंग पॉइंट
जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट और आसपास के सभी CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की। इसी दौरान एक स्लेटी रंग की हुण्डई ईऑन कार संदिग्ध रूप से मृतक के पीछे-पीछे चलते हुए दिखाई दी। पुलिस ने त्रिनयन ऐप की मदद से उस कार का पूरा रूट चार्ट तैयार किया और अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर उसकी मूवमेंट ट्रैक की। आखिरकार कार का नंबर CG 10 AC 8986 पता चला, जिसके आधार पर वाहन मालिक तक पहुंचा गया। पूछताछ में पता चला कि यह कार एक दिन के लिए किराए पर ली गई थी। इसके बाद पुलिस ने संजय यादव नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जहां से पूरे षड़यंत्र का खुलासा हुआ।
संपत्ति के लालच में रची गई खूनी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत राजपूत, चचेरे भाई रामपाल राजपूत और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर दामोदर राजपूत की हत्या की साजिश रची थी।
मृतक के पास लगभग 4 करोड़ रुपये की जमीन और बड़ी मात्रा में सोना था, जिस पर परिजनों की नजर थी। आरोपियों ने पहले से ही परिवार में पिता-पुत्र के बीच विवाद को हवा दी, ताकि संपत्ति बेटे को न मिले और वे खुद उसे अपने नाम कर सकें। इसके बाद आरोपियों ने करीब 10 लाख रुपये और जमीन देने का लालच देकर सुपारी किलर को हत्या के लिए तैयार किया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
21 मार्च को जब दामोदर राजपूत को गांव झाफल बुलाया गया, तब पहले से तैयार आरोपियों ने उनका पीछा किया। मनोहरपुर के पास सुनसान रास्ते में उनकी गाड़ी रुकवाई गई और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव को ईऑन कार में रखकर कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र ले जाया गया। रास्ते में कार खराब होने पर दूसरी गाड़ी मंगवाई गई और शव को जंगल में नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
पुलिस को गुमराह करने की साजिश
आरोपियों ने हत्या के बाद भी बेहद शातिर तरीके से पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया गया, ताकि यह लगे कि दामोदर राजपूत कहीं साधु बनकर चले गए हैं।
साथ ही, एक फर्जी नोटरी दस्तावेज भी तैयार किया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि मृतक अपनी संपत्ति बेटे को नहीं देना चाहते और उसे अन्य रिश्तेदारों को सौंप रहे हैं।
लेकिन पुलिस को यह दस्तावेज संदिग्ध लगा, जिससे जांच का रुख परिवार की ओर मुड़ गया और अंततः साजिश का पर्दाफाश हो गया।
शव बरामद, पहचान के बाद खुला पूरा मामला
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने पंडरिया क्षेत्र के जंगल में खुदाई कर शव बरामद किया। परिजनों ने कपड़े और अन्य सामान के आधार पर मृतक की पहचान की। इसके बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
11 आरोपी गिरफ्तार, 4 नाबालिग भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक का भाई, भतीजे, चचेरे भाई और सुपारी किलर शामिल हैं। इसके अलावा 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। आरोपियों के कब्जे से 96 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त कारें, मोटरसाइकिल और स्कूटी जब्त की गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की जड़
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक और उनके बेटे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद का फायदा उठाकर अन्य परिजनों ने पूरी साजिश रची और संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई।
पुलिस की सतर्कता से खुला राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और साइबर जांच का सही उपयोग नहीं किया जाता, तो यह मामला लंबे समय तक अनसुलझा रह सकता था। मुंगेली का यह मामला समाज को झकझोर कर रख देने वाला है। जहां एक ओर परिवार को सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं यहां लालच ने रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की सक्रियता से बड़े से बड़े अपराध का भी खुलासा संभव है। साथ ही, यह समाज के लिए एक चेतावनी है कि संपत्ति का लालच किस हद तक इंसान को गिरा सकता है।
0 टिप्पणियाँ