मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, संवाद और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के जिला मुंगेली प्रवास के दौरान यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले के समस्त थाना एवं चौकियों में अनुभव नामक QR कोड लगाया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक पुलिस के व्यवहार, कार्यप्रणाली और सेवाओं पर सीधे फीडबैक दे सकें। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जनता की राय पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। अनुभव QR कोड के जरिए नागरिक बिना किसी भय और पहचान उजागर किए अपने अनुभव साझा कर सकेंगे। इससे थाना स्तर पर होने वाले अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत पर उच्च स्तर पर तुरंत संज्ञान लिया जा सकेगा। यह व्यवस्था पुलिस को और अधिक जन-उत्तरदायी और पारदर्शी बनाएगी।
इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग द्वारा दिनांक 03.02.2026 को जिला मुंगेली प्रवास के दौरान सर्वप्रथम थाना जरहागांव का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना रजिस्टरों की जांच की गई तथा थाना प्रभारी, विवेचकों एवं मुहर्रिर को निगरानी बदमाश एवं गुण्डा बदमाशों की नियमित चेकिंग कर उसका स्पष्ट उल्लेख रोजनामचा एवं तख्ती में दर्ज करने, थाना परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, रजिस्टर अद्यतन रखने तथा CCTNS एवं साइबर पोर्टल में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुंगेली में नवनिर्मित प्रशिक्षण भवन का लोकार्पण किया गया। लोकार्पण उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुंगेली के संवाद सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर कुंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कीर छाबड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इनमें सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाना, सायबर क्राइम तकनीक का अधिकतम उपयोग, बीट प्रणाली के माध्यम से आम नागरिकों से संवाद कर आसूचना संकलन, सशक्त एप के माध्यम से चोरी गए वाहनों की पतासाजी व बरामदगी, तथा बेसिक पुलिसिंग पर विशेष फोकस शामिल है। उन्होंने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को नियमित गश्त एवं पेट्रोलिंग करने, आदतन अपराधियों व निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने, रात्रि में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच-पड़ताल करने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करते हुए 03 ग्रामों पर 01 आरक्षक की तैनाती कर ग्राम स्तर पर घटनाओं की त्वरित जानकारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मीटिंग के दौरान पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सशक्त एप्लीकेशन की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से पूरे राज्य में लावारिस अवस्था में मिले वाहनों की त्वरित पहचान संभव है तथा चोरी गए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पतासाजी कर उन्हें न्यायालय के आदेशानुसार वाहन मालिकों को सुपुर्द किया जा सकता है। सशक्त एप के माध्यम से जिले में 05 मोटरसायकल की बरामदगी किए जाने पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मुंगेली पुलिस को बधाई भी दी गई।
मीटिंग के पश्चात पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सायबर सेल का भ्रमण किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि NCCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा म्यूल बैंक खातों एवं फर्जी सिम जारी करने वाले POS एजेंटों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की रिकवरी कर मोबाइल धारकों को वापस दिलाने एवं बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए स्कूलों व कॉलेजों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक द्वारा थाना सिटी कोतवाली मुंगेली, अपग्रेडेट कंट्रोल रूम, हाईटेक कैमरों, फिंगर प्रिंट शाखा एवं जिला विशेष शाखा का निरीक्षण किया गया। फिंगर प्रिंट शाखा के उत्कृष्ट कार्य के लिए स्टाफ को नगद इनाम से पुरस्कृत किया गया तथा आम जनता से मधुर व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। कुल मिलाकर अनुभव QR कोड के माध्यम से जनता का फीडबैक लेना, सशक्त एप का उपयोग, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और बेसिक पुलिसिंग पर फोकस—मुंगेली पुलिस को जन-विश्वास आधारित आधुनिक पुलिसिंग मॉडल की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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