मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । 28 मार्च को सतनामी समाज जिला मुंगेली द्वारा सतनाम भवन दाऊपारा, गुरु घासीदास चौक मुंगेली में बाबा गुरु घासीदास के द्वितीय पुत्र महान शूरवीर राजा गुरु बालक दास का 166वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में समाज के लोगों ने गुरु बालक दास जी के जीवन, त्याग और वीरता को याद करते हुए उन्हें अश्रुपूरित सत-सत नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पिता के सतनाम आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए समाज में व्याप्त छुआछूत, ऊंच-नीच, जात-पात, धर्मांधता, अंधविश्वास और रूढ़िवाद जैसी कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने समानता, भाईचारा, सहयोग और सहिष्णुता का संदेश देकर समाज को एक नई दिशा दी। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि सामंतवादी और जातिवादी तत्वों द्वारा षड्यंत्रपूर्वक उनकी हत्या कर सतनाम धर्म और संस्कृति को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके बलिदान ने समाज को और अधिक जागरूक व संगठित किया। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने गुरु बालक दास जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। उन्होंने सतनाम धर्म के मूल्यों—सत्य, अहिंसा, सादगी, समानता और नशामुक्त, स्वस्थ समाज निर्माण के लिए कार्य करने की बात कही।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु बालक दास जी का जीवन हमें एकता, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम का समापन जय सतनाम के जयघोष के साथ हुआ।
विनीत: सतनामी समाज, जिला मुंगेली
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