रायपुर । हिंदुस्तान दृष्टि । आईएसबीएम विश्वविद्यालय गरियाबंद से खोगेन्द्र साहू ने उरांव जनजाति के बढ़ते आयामों का समाजशास्त्रीय अध्ययन (जशपुर जिले के विशेष संदर्भ में) विषय पर अपना शोध सफलतापूर्वक पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनका यह शोध कार्य डॉ. अनिता कुर्रे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। खोगेंद्र साहू, ग्राम बोडतरा निवासी शिक्षक द्वारिका प्रसाद साहू के सुपुत्र हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले श्री साहू ने अपनी मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
अपने शोध में उन्होंने उरांव जनजाति के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक जीवन का गहन अध्ययन किया है। विशेष रूप से जशपुर जिला में निवासरत जनजातीय समाज में हो रहे परिवर्तनों, पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण एवं क्षरण तथा आधुनिकता के प्रभावों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध जनजातीय समाज के समग्र विकास, सामाजिक समावेशन और प्रभावी योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।खोगेन्द्र साहू की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, मित्रों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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