नई दिल्ली । हिंदुस्तान दृष्टि । पूरा देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। कई राज्यों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है और लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहर होते ही सड़कें सुनसान नजर आने लगती हैं, बाजार खाली पड़ जाते हैं और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। भारत मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में सूरज आग बरसा रहा है। कुछ शहरों में तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण मजदूर, किसान, रिक्शा चालक और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। दोपहर की धूप इतनी खतरनाक हो चुकी है कि लोग इसे आसमान से बरसती आग बता रहे हैं। कई जगहों पर बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। घरों में कूलर और पंखे तक जवाब देने लगे हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अस्पतालों में चक्कर, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचने की अपील की है।
जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण हर साल गर्मी का स्तर और खतरनाक होता जा रहा है। कभी जो 40 डिग्री तापमान लोगों को डराता था, आज 44 से 48 डिग्री सामान्य होता जा रहा है। सवाल अब सिर्फ गर्मी का नहीं, बल्कि इंसानों के भविष्य का बन चुका है। अगर मई में ही धरती इतनी तप रही है, तो आने वाले जून और भविष्य के वर्षों में हालात कितने भयावह होंगे, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। देश इस समय एक ऐसे मौसमीय संकट से गुजर रहा है, जिसने आम लोगों की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
0 टिप्पणियाँ