बरेला अपहरण : हत्या कांड की पूरी कहानी पुलिस ने पकड़े 7 फरार आरोपी, अब तक 12 गिरफ्तार

मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । जिला मुंगेली के ग्राम बरेला में जमीन विवाद के चलते युवक का अपहरण कर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इसी प्रकरण में 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। इस तरह अब तक इस केस में कुल 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना 26 दिसंबर 2025 की है। ग्राम बरेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर में दोपहर लगभग 2:30 से 3:00 बजे के बीच 21 वर्षीय युवक राजकुमार धुरी को उसी गाँव के कुछ लोगों ने घेर लिया। बताया जाता है कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद और पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने कथित रूप से अपराधिक षड्यंत्र रचकर उसे बैंक से जबरन उठा लिया। आरोपियों ने राजकुमार धुरी को बैंक परिसर से जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ठकुरीकापा नर्सरी क्षेत्र में ले जाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट में उसे गंभीर चोटें आईं और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। शव को आरोपियों द्वारा बरेला स्थित उसके घर के पास फेंक दिया गया, जिसके बाद मामले में सनसनी फैल गई। पुलिस ने जीरो मर्ग के आधार पर प्रकरण को आगे बढ़ाया और बाद में इसे हत्या व आपराधिक षड्यंत्र के अपराध में बदलकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने, मृतक के परिजनों के बयान लिए, घटनास्थल के गवाहों से पूछताछ की, बैंक परिसर में लगे CCTV फुटेज का विश्लेषण किया।
फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। इसके बाद विशेष टीमें गठित की गईं और लगातार दबिश दी गई। 28 दिसंबर 2025 को पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, वहीं शेष आरोपी फरार थे, जो घटना के बाद अलग–अलग स्थानों में छिपकर घूम रहे थे और वाहन बदलते रहे। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को मुखबिर सूचना और तकनीकी निगरानी की मदद से जरहागांव पुलिस ने 7 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि
जमीन विवाद के चलते उन्होंने बैंक से अपहरण कर मारपीट की योजना बनाई थी। निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा, वाहन और अन्य सामग्री जब्त कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया है। वहीं पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मदद करने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस टीम में जांच अधिकारियों, सायबर सेल एवं आरक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयास से फरार आरोपी पकड़े जा सके। यह पूरा मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया में है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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