मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया भव्य गुरु घासीदास चौक का लोकार्पण, आकर्षक प्रतिमा बनी आस्था और समरसता का केंद्र, बाबा गुरु घासीदास जी केवल एक समाज विशेष के नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के मार्गदर्शक हैं - पार्षद विजय बंजारा

मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । छत्तीसगढ़ की पावन धरती मुंगेली में उस समय ऐतिहासिक और आध्यात्मिक माहौल बन गया, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भव्य गुरु घासीदास चौक का लोकार्पण एवं अनावरण किया। सतनाम पंथ के महान संत बाबा गुरु घासीदास जी की आकर्षक और दिव्य प्रतिमा अब पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का नया प्रतीक बन चुकी है।
लोकार्पण के बाद चौक का नजारा देखते ही बन रहा था। सफेद टाइल्स से सजे परिसर के बीच स्थापित बाबा गुरु घासीदास जी की विशाल प्रतिमा हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। प्रतिमा के चारों ओर लाल और सफेद गुब्बारों की आकर्षक सजावट, फूलों की झालरें और रोशनी ने पूरे वातावरण को भव्य बना दिया। रात के समय चमकती रोशनी में यह स्थल किसी तीर्थ स्थल जैसा प्रतीत होता है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सतनामी समाज सहित आम नागरिकों की मौजूदगी देखने को मिली। लोगों ने बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य, समानता और मानवता के संदेश को याद करते हुए इस लोकार्पण को समाज के लिए गौरव का क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समाज को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, जो आज भी हर व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। मुंगेली शहर के बीचों-बीच बना यह गुरु घासीदास चौक अब केवल एक चौक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बन गया है। यहां आने वाले लोग प्रतिमा की सुंदरता और परिसर की भव्यता को देखकर भावुक और गौरवान्वित नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की भव्य प्रतिमा और सुव्यवस्थित चौक बनने से मुंगेली की पहचान और भी मजबूत होगी। आने वाले समय में यह स्थान श्रद्धालुओं, युवाओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मुंगेली में गुरु घासीदास जी की यह दिव्य प्रतिमा अब शहर की नई पहचान बन चुकी है, जो हर आने-जाने वाले को सत्य, समानता और मानवता का संदेश देती नजर आ रही है। वही तिलक वार्ड के पार्षद विजय बंजारा ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी केवल एक समाज विशेष के नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के मार्गदर्शक हैं। उनके द्वारा दिया गया सत्य ही मानव का आभूषण है का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि मुंगेली में इस भव्य प्रतिमा और चौक का निर्माण होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। इससे नई पीढ़ी को बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों, सत्य, समानता और भाईचारे की भावना से प्रेरणा मिलेगी।
पार्षद विजय बंजारा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महापुरुषों के सम्मान में किए जा रहे कार्य समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चौक आने वाले समय में मुंगेली की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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