मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के ठाक्कर बाबा वार्ड में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि मुक्तिधाम में बाउंड्री वॉल एवं मुख्य गेट का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य बीच में ही बंद कर दिया गया, जिसके बाद से मौके पर कोई काम नहीं हो रहा है। इससे मुक्तिधाम की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में जब नगर पालिका के अधिकारी होरी सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अधिकारी के इस बयान के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि यदि निर्माण कार्य लंबे समय से बंद है, तो इसकी जानकारी नगर पालिका को पहले क्यों नहीं थी और निर्माण कार्यों की निगरानी कौन कर रहा था।
इसी वार्ड में डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन का निर्माण कार्य भी लगभग दो वर्ष पहले शुरू किया गया था, लेकिन आज तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अधूरा भवन स्थानीय लोगों के लिए किसी उपयोग का नहीं है, जबकि इसका उद्देश्य सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए एक बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था।
मांगलिक भवन के संबंध में पूछे जाने पर नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए री-टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पहले ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है और निर्माण कार्य अधूरा रहने की जिम्मेदारी किसकी तय की गई है।
इन दोनों मामलों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ठेकेदार ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया, तो उसके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई? यदि नगर पालिका समय-समय पर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करती रही, तो फिर कार्य इतने लंबे समय तक अधूरे कैसे रह गए? और यदि निरीक्षण नहीं हुआ, तो इसकी जवाबदेही किसकी है?
वार्डवासियों का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्य समय पर पूरे होने चाहिए, लेकिन लगातार अधूरे निर्माण कार्यों के कारण जनता को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय करते हुए निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए।
अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि मुक्तिधाम की अधूरी बाउंड्री वॉल और गेट के साथ-साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन का निर्माण कब तक पूरा होता है और अधूरे कार्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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