पथरिया । हिंदुस्तान दृष्टि । देश कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। गांव-गांव में तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन मुंगेली जिले के पथरिया क्षेत्र के केवटाडीह गांव से सामने आया एक वायरल वीडियो स्थानीय विकास व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अमलीकापा से केवटाडीह-बरदुली पंचायत तक जाने वाला रास्ता बेहद खराब हालत में बताया जा रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों की परेशानी और बढ़ गई है। इसी बदहाल सड़क की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्राम केवटाडीह निवासी नरेंद्र डाहीरे ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। वायरल वीडियो में नरेंद्र डाहीरे सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच धान रोपते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने उसी सड़क पर भरे पानी में स्नान कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका यह अनोखा विरोध अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ देश स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है और गांव-गांव में विकास की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ केवटाडीह के ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान नजर आ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब देश की प्रगति और विकास की उपलब्धियों की चर्चा होगी, तब केवटाडीह की यह बदहाल सड़क व्यवस्था के सामने एक सवाल खड़ा करती है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीणों को बेहतर सड़क के लिए इस तरह विरोध करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार अमलीकापा से केवटाडीह-बरदुली पंचायत तक का यह रास्ता ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी मार्ग से ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने के कारण कई स्थानों पर यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नरेंद्र डाहीरे द्वारा सड़क पर धान रोपना और फिर उसी पानी में स्नान करना व्यवस्था के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। उनका यह अंदाज मानो यह संदेश दे रहा है कि जिस सड़क पर लोगों को सुरक्षित आवागमन करना चाहिए, उसकी हालत अब खेत और तालाब जैसी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि बारिश के समय दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। सड़क पर पानी और कीचड़ के कारण वाहन फिसलने की आशंका बनी रहती है। वहीं किसी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी हो सकती है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सामने आया यह वायरल वीडियो क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। तिरंगा देश की आजादी और सम्मान का प्रतीक है, वहीं गांव की अच्छी सड़क आम नागरिक के विकास और सुविधा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्रामीणों की मांग है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केवल विकास की बातें ही न हों, बल्कि गांवों की जमीनी समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अमलीकापा से केवटाडीह-बरदुली पंचायत तक खराब सड़क का स्थल निरीक्षण कर जल्द मरम्मत एवं सड़क सुधार कार्य कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि नरेंद्र डाहीरे के इस अनोखे विरोध और वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार अधिकारी इस सड़क की सुध लेते हैं या फिर ग्रामीणों को आने वाले दिनों में भी इसी बदहाल रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वही संबंधित अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश किया गया संपर्क नहीं हो सका।
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