लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट के सामने सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और पेंशन सहित पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की उठाई आवाज

मुंगेली । हिन्दुस्तान दृष्टि । आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा विभागीय सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने कहा कि वे लंबे समय से विभागीय कार्यों का निर्वहन कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई मूलभूत सुविधाओं और लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में कम मानदेय के कारण उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दिए जाने से आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन और विभागीय कार्यों पर भी असर पड़ता है।

नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की प्रमुख मांग
संयुक्त मंच ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। नियमितीकरण होने तक श्रम कानूनों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की गई।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नति देने और पदोन्नति में उम्र की सीमा समाप्त करने की मांग रखी गई।

बीमा, पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ताओं को पांच लाख रुपये और सहायिकाओं को तीन लाख रुपये की राशि तत्काल प्रदान करने की मांग उठाई गई। संयुक्त मंच ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि किए जाने की मांग भी रखी।

मांगों के निराकरण की अपील
प्रदर्शन के दौरान संयुक्त मंच ने शासन से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके कार्यों के अनुरूप मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
मुंगेली संयुक्त मंच के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए समस्याओं का निराकरण करेगी।

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