मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । ईद मिलादुन्नबी 2026 के मुबारक अवसर पर सुन्नी मुस्लिम जमात मुंगेली की ओर से 24 अगस्त से 31 अगस्त तक धार्मिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद एवं अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के जानिब से आयोजित सप्ताहभर के कार्यक्रमों में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस आयोजन की खास बात यह रही कि ईद मिलादुन्नबी की धार्मिक भावनाओं के साथ भाईचारा, सामाजिक एकता, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता और इंसानियत को भी प्रमुखता दी गई। बच्चों की रैली से शुरू हुआ कार्यक्रमों का सिलसिला बाइक रैली, जुलूस-ए-मोहम्मदी, सहायता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, आम दावत और अंत में इज्तेमाई सुन्नत तक पहुंचा।
बच्चों की रैली से हुआ कार्यक्रमों का आगाज
कार्यक्रमों की शुरुआत 24 अगस्त को बच्चों की रैली से हुई। बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साह और अनुशासन के साथ रैली में हिस्सा लिया। रैली का उद्देश्य नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सामाजिक संस्कारों से जोड़ने के साथ उनमें आपसी प्रेम, भाईचारा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। बताया गया कि रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने के साथ मुंगेली के रिजवी परिवार द्वारा प्रतिदिन मगरिब की नमाज के बाद 12 दिनों तक बच्चों की रैली निकालने की परंपरा रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विगत वर्ष से एक दिन भव्य रैली आयोजित करने की शुरुआत की गई है। सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद के मुतवल्ली सैय्यद वाजिद ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अच्छे संस्कारों, सामाजिक जिम्मेदारियों और भाईचारे से जोड़ना समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य से बच्चों को आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
बाइक रैली में युवाओं ने दिखाया उत्साह
25 अगस्त को आयोजित बाइक रैली में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद से निकली रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। युवाओं ने अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए एकता और सामाजिक भाईचारे का संदेश दिया। रैली के दौरान पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी का इजहार किया गया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन में उत्साह का माहौल बनाया।
जुलूस-ए-मोहम्मदी में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम
26 अगस्त को आयोजित जुलूस-ए-मोहम्मदी सप्ताहभर के कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी का इजहार किया।
जुलूस के दौरान अमन, शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया। सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद के खतीब-ओ-इमाम मुफ्ती गुफरान रजा एवं मदीना मस्जिद के खतीब-ओ-इमाम ने विभिन्न स्थानों पर नौजवानों द्वारा आयोजित परचम कुशाई एवं स्टेज कार्यक्रमों में सामाजिक भाईचारे का संदेश दिया। साथ ही मुल्क-ए-हिंदुस्तान में अमन, शांति, तरक्की और कामयाबी के लिए दुआ की गई।
शहर के विभिन्न स्थानों पर जुलूस का स्वागत किया गया। जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह नाश्ता, शरबत और लंगर की व्यवस्था की गई, जिसमें समाजजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
स्वास्थ्य एवं सहायता शिविर में सेवा को दी प्राथमिकता
27 अगस्त को सभी वर्गों के लिए सहायता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने लोगों की स्वास्थ्य जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। वहीं नगरपालिका मुंगेली की ओर से विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, ताकि सहायता के लिए पहुंचने वाले जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के सदर इशहाक खान ने कहा कि खुशियां मनाने के साथ जरूरतमंदों की मदद करना और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ सहायता एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।
आम दावत में मजबूत हुआ मेल-मिलाप
29 अगस्त को सुन्नी जमात की ओर से आम दावत का आयोजन किया गया। इसमें समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया और आपसी मेल-मिलाप एवं भाईचारे को मजबूत किया। इस दौरान मुतवल्ली सैय्यद वाजिद की ओर से शुरू की गई ‘खाना खाने से पहले, दो लोगों को खाना खिलाने’ की मुहिम भी आकर्षण का केंद्र रही। इसका उद्देश्य दावत में शामिल होकर भोजन करने के साथ दूसरों को भोजन कराने की भावना को बढ़ावा देना था। इस पहल में बड़ी संख्या में लोगों ने पहले दूसरों को भोजन कराने का प्रयास किया। सैय्यद वाजिद ने कहा कि यदि यह मुहिम इसी तरह आगे बढ़ती रही तो समाज में एक-दूसरे को खिलाने और सहयोग करने की परंपरा और मजबूत होगी तथा दावत की पूरी जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति या परिवार पर निर्भर नहीं रहेगी।
इज्तेमाई सुन्नत के साथ हुआ सप्ताहभर के आयोजन का समापन
सप्ताहभर चले कार्यक्रमों का अंतिम और महत्वपूर्ण आयोजन 31 अगस्त को इज्तेमाई सुन्नत (खतना) के रूप में किया गया। इसमें झलमला के अनुभवी खलीफा अब्दुल असलम द्वारा चिकित्सकों की मौजूदगी में 14 बच्चों की सुन्नत कराई गई।
सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद कमेटी के सचिव सैय्यद जहांगीर अली और नायाब सचिव अजहर हुसैन ने बताया कि मुंगेली में यह पहला अवसर रहा, जब ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जमात की ओर से इज्तेमाई सुन्नत का आयोजन किया गया। पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में 14 बच्चों की सुन्नत कराई गई।
आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए सामूहिक रूप से सुन्नत की व्यवस्था करना और परिवारों पर आने वाले आर्थिक एवं व्यवस्थागत बोझ को कम करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनके परिजनों की सुविधा एवं आवश्यक सहयोग का भी ध्यान रखा गया।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सरोकारों को मिली प्राथमिकता
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित सप्ताहभर के कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। बच्चों की रैली ने नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित की तो बाइक रैली ने युवाओं की सक्रियता और अनुशासन का संदेश दिया। जुलूस-ए-मोहम्मदी ने धार्मिक आस्था के साथ अमन और भाईचारे का संदेश दिया।
वहीं निःशुल्क स्वास्थ्य एवं सहायता शिविर ने सेवा और इंसानियत की भावना को सामने रखा। आम दावत ने समाज के लोगों को एक साथ बैठने और मेल-मिलाप का अवसर दिया, जबकि इज्तेमाई सुन्नत के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए सामूहिक सहयोग की पहल की गई।
इस तरह ईद मिलादुन्नबी 2026 के आयोजन धार्मिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर सेवा, सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला व्यापक आयोजन बनकर सामने आया।
समाजजनों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
सप्ताहभर चले कार्यक्रमों को सफल बनाने में सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद कमेटी, अंजुमन इंतेजामिया कमेटी, अल अमीन एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित सुन्नी मुस्लिम जमात के समाजजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद के खतीब-ओ-इमाम एवं मुअज्जिन, मदीना मस्जिद के खतीब-ओ-इमाम एवं मुअज्जिन सहित समाज के विभिन्न लोगों ने कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
सुन्नी हनफी कच्छी मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली सैय्यद वाजिद ने सप्ताहभर चले सभी कार्यक्रमों में सहयोग और सहभागिता करने वाले समाजजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, भाईचारा, सेवा और जरूरतमंदों की मदद का यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रहना चाहिए।
ईद मिलादुन्नबी 2026 के इन आयोजनों ने यही संदेश दिया कि खुशियां केवल मनाने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें दूसरों के साथ बांटने और जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए भी होती हैं।
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