मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क पर जलभराव और बदहाल रास्ते की समस्या को लेकर प्रकाशित खबर के बाद आखिरकार संबंधित स्थल पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन कार्रवाई का तरीका अब सवालों के घेरे में है। खबर प्रकाशित होने के बाद समस्या वाले स्थान पर खुदाई कर दी गई, मगर खुदाई के बाद सड़क को व्यवस्थित तरीके से भरकर समतल करने के बजाय उसे गड्ढेनुमा स्थिति में छोड़ दिया गया है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि आखिर यह कैसी कार्रवाई है, जिसमें समस्या का समाधान करने के बजाय एक नई परेशानी खड़ी कर दी गई। मौके की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क के हिस्से में खुदाई की गई है और वहां गढ्ढे दिखाई दे रहा है। आसपास से लगातार पैदल राहगीर और दोपहिया वाहन गुजर रहे हैं। व्यस्त क्षेत्र होने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क की खुदाई के बाद यदि उसे तत्काल व्यवस्थित ढंग से नहीं भरा गया तो बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो सकती है। खासकर रात के समय यह गड्ढा वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समस्या के समाधान के लिए सड़क की खुदाई की गई थी, तो इसके बाद जीरा गिट्टी या अन्य उपयुक्त सामग्री से पटाई कर सड़क को समतल क्यों नहीं किया गया? निर्माण या मरम्मत कार्य में केवल खुदाई कर देना ही समाधान नहीं माना जा सकता। खुदाई के बाद गड्ढे को उचित सामग्री से भरना, उसे अच्छी तरह दबाना और सड़क को आवागमन के योग्य बनाना भी उतना ही जरूरी है। यदि यह काम नहीं किया जाता है तो बारिश के पानी से मिट्टी धंस सकती है और सड़क पहले से भी ज्यादा खराब हो सकती है।
खबर का असर होना निश्चित रूप से अच्छी बात है और इससे यह उम्मीद जगी थी कि पुराने बस स्टैंड क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन जिस तरह से मौके पर खुदाई कर काम छोड़ दिया गया है, उससे अब ‘खबर का असर’ कहीं ‘अधूरे काम की नई परेशानी’ में तब्दील होता नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को केवल दिखावटी कार्रवाई करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर सड़क खोदने के बाद इसकी पटाई और समतलीकरण की जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है? यदि किया है तो फिर खुदाई के बाद सड़क को इस हालत में क्यों छोड़ दिया गया? और यदि अभी काम अधूरा है तो इसे पूरा करने में आखिर कितने दिन लगेंगे?
पुराने बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह खुदाई करके सड़क को छोड़ देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। यहां दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में संबंधित जिम्मेदारों को तत्काल मौके का निरीक्षण कर खुदाई वाले हिस्से में जीरा गिट्टी या अन्य उपयुक्त सामग्री से मजबूती से पटाई कराकर सड़क को समतल और सुरक्षित करना चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
जनता को सिर्फ खबर का असर नहीं, समस्या का पूरा समाधान चाहिए। कार्रवाई तभी सार्थक मानी जाएगी जब खुदाई के बाद सड़क को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थिति में वापस लाया जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस अधूरे काम को कब पूरा करता है और पुराने बस स्टैंड की सड़क को लोगों के लिए कब सुरक्षित बनाया जाता है।
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