मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावों के बीच मुंगेली शहर की एक तस्वीर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिला मुख्यालय स्थित रेस्ट हाउस के बगल सड़क किनारे झाड़ियों के बीच बड़ी संख्या में इस्तेमाल की गई सीरिंज, मेडिकल सामग्री और दवाइयों के पैकेट खुले में बिखरे पड़े हैं। सड़क किनारे इस तरह मेडिकल कचरे का खुले में पड़ा होना न केवल शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा कर रहा है। तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क से लगे खाली स्थान पर झाड़ियों के बीच बड़ी मात्रा में सीरिंज और अन्य चिकित्सकीय सामग्री फेंकी गई है। यह स्थान ऐसा है जहां लोगों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में यदि कोई बच्चा, राहगीर या सफाईकर्मी अनजाने में इन सीरिंज की चपेट में आ जाए तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मेडिकल कचरा यहां पहुंचा कैसे? क्या यह किसी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी सेंटर या अन्य स्वास्थ्य संस्थान से निकलकर यहां फेंका गया है, या फिर किसी ने इसे यहां लाकर खुले में डाल दिया? यदि यह इस्तेमाल की गई सीरिंज हैं तो इनके सुरक्षित निपटारे की जिम्मेदारी किसकी है? मेडिकल कचरे को सामान्य कचरे की तरह खुले स्थान पर फेंकना लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। खास बात यह है कि यह स्थान शहर के किसी सुनसान इलाके में नहीं, बल्कि रेस्ट हाउस के ठीक बगल और सड़क किनारे है। ऐसे प्रमुख स्थान पर लंबे समय से झाड़ियों के बीच इस तरह कचरा पड़ा रहना नगर की सफाई व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। शहर में स्वच्छता को लेकर समय-समय पर अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन जमीन पर तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। सवाल केवल कचरा उठाने का नहीं है, बल्कि यह पता लगाने का भी है कि मेडिकल कचरा यहां किसने और क्यों फेंका। यदि जिम्मेदार विभाग केवल मौके से सीरिंज उठाकर उसे साफ कर देता है और मामले की जांच नहीं करता, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटना दोबारा होने की संभावना बनी रहेगी। जरूरत इस बात की है कि नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग मौके का निरीक्षण कर तत्काल मेडिकल कचरे को सुरक्षित तरीके से हटवाए तथा इसकी जांच कराए कि इतनी बड़ी मात्रा में सीरिंज यहां तक कैसे पहुंचीं। यदि जांच में किसी अस्पताल, क्लीनिक या स्वास्थ्य संस्थान की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मुंगेली के रेस्ट हाउस जैसे प्रमुख स्थान के बगल सड़क किनारे खुले में बिखरी सीरिंज आखिर किसकी लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं? यह सवाल अब जिम्मेदार विभागों से जवाब मांग रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर सिर्फ सफाई करवाता है या फिर मेडिकल कचरे के स्रोत तक पहुंचकर जिम्मेदारी भी तय करता है।
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