मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । जिले में ऐसे बच्चों को सुरक्षित और पारिवारिक माहौल देने के लिए फोस्टर केयर (पालक देखरेख) की व्यवस्था की जा रही है, जिन्हें देखरेख और संरक्षण की जरूरत है। इसके लिए इच्छुक भारतीय दंपत्तियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी के अनुसार, बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले या समुदाय में रह रहे 6 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को फोस्टर केयर के माध्यम से अस्थायी रूप से परिवार का माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए निर्धारित नियमों और फोस्टर केयर गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा।
फोस्टर केयर परिवार को बच्चे के भोजन, कपड़े, रहने की व्यवस्था और शिक्षा का ध्यान रखना होगा। जरूरत पड़ने पर बच्चे की चिकित्सा और उपचार की व्यवस्था भी करनी होगी। बच्चे की उम्र और रुचि के अनुसार उसे व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा उसके विकास के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी पालक परिवार की होगी।
इसके अलावा बच्चे को किसी भी तरह के शोषण, दुर्व्यवहार, नुकसान या उपेक्षा से सुरक्षित रखना और उसकी तथा उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करना जरूरी होगा। बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन भी करना होगा।
इच्छुक दंपत्ति आवेदन और योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए जिला कलेक्टोरेट स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग या जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क कर सकते हैं।
फोस्टर केयर क्या है?
फोस्टर केयर का मतलब है ऐसे बच्चे, जिन्हें कुछ समय के लिए परिवार की देखभाल और सुरक्षित माहौल की जरूरत है, उन्हें किसी पात्र परिवार के साथ अस्थायी रूप से रखा जाना। इस दौरान पालक परिवार बच्चे को अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार, भोजन, रहने की जगह, शिक्षा और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता है। यह स्थायी गोद लेने से अलग व्यवस्था है। इसमें बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर विकास का ध्यान रखा जाता है तथा संबंधित विभाग और बाल कल्याण समिति की निगरानी रहती है।
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