पंचायतों की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में आरटीआई पर 30 दिन बाद भी नहीं मिली जानकारी, अब जनदर्शन में शिकायत कर जांच की मांग करेंगे अरविंद कुमार

मुंगेली । हिंदुस्तान दृष्टि । प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों और खर्च की गई राशि से संबंधित जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगने के बावजूद निर्धारित 30 दिनों की अवधि बीत जाने के बाद भी जानकारी नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आवेदक अरविंद कुमार ने बताया कि संबंधित आरटीआई आवेदनों के माध्यम से योजना के अंतर्गत पंचायतों में स्वीकृत एवं कराए गए कार्यों, खर्च की गई राशि, भुगतान और कार्यों की वास्तविक स्थिति से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अरविंद कुमार का कहना है कि आरटीआई प्रकरण में प्रथम अपील करने का अधिकार उनके पास है, लेकिन इस मामले में वे केवल दस्तावेज प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने अब जनदर्शन में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायतों में हुए कार्यों की दस्तावेजी एवं स्थल जांच कराने का निर्णय लिया है। शिकायत के माध्यम से स्वीकृत कार्यों, स्वीकृत एवं खर्च राशि, भुगतान, निर्माण की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और कार्यों की उपयोगिता की जांच कराने की मांग की जाएगी। अरविंद कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी पर सीधे आरोप लगाना नहीं, बल्कि योजना के तहत सार्वजनिक धन से हुए कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाना है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय या प्रक्रियात्मक अनियमितता सामने आती है अथवा यह पाया जाता है कि नियमानुसार उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी जानबूझकर रोकी गई, तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त करना मेरा अधिकार है, लेकिन अब जनदर्शन के माध्यम से योजना में हुए कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग करूंगा, ताकि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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